इंटरनेट और WWW का परिचय

परिचय

इंटरनेट का कम्यूनिकेशन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, इंटरनेट के माध्यम से सूचनाओं, विचारों, ध्वनि, वीडियो क्लिप्स इत्यादि को कम्प्यूटरों के द्वारा पूरी दुनिया में एक-दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर कर सकते हैं|
वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web, WWW) इंटरनेट का सबसे महत्वपूर्ण रिसोर्स है| वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट पर उपलब्ध इंटरकनेक्टेड डॉक्यूमेण्ट्स या पेजेस और अन्य रिसोर्सेज का एक समूह है|

कम्प्यूटर नेटवर्क्स के बेसिक्स (Basics of Computer Networks)

जब दो या दो से अधिक कम्प्यूटर किसी माध्यम की सहायता से परस्पर सम्पर्क में रहते हैं, तो इस व्यवस्था को 'कम्प्यूटर नेटवर्क' कहते हैं| इससे महत्वपूर्ण डाटा तथा सूचनाओं को विभिन्न कम्प्यूटरों में उपलब्ध कराया जाता है| कम्प्यूटर नेटवर्क से तात्पर्य आस-पास या दूर प्रयोग होने वाले कम्प्यूटरों को इस प्रकार जोड़ने से है कि उनमें से प्रत्येक कम्प्यूटर किसी दूसरे कम्प्यूटर के साथ स्वतंत्र रूप से सम्पर्क बनाकर सूचनाओं या सन्देशों का आदान - प्रदान कर सके और एक - दूसरे के साधनों (Resources) तथा सुविधाओं को साझा (Share) कर सके|

नेटवर्किंग के लाभ (Advantages of Networking)

कम्प्यूटरों की नेटवर्किंग से निम्नलिखित लाभ होते हैं-

1. संसाधनों का साझा करना (Sharing of Resources) नेटवर्क के किसी भी कम्प्यूटर से जुड़ें हुए साधन का उपयोग नेटवर्क के अन्य कम्प्यूटरों पर कार्य करते हुए किया जा सकता है| कम्प्यूटर नेटवर्क में सामान्यतया प्रिन्टर शेयर किया जाता है| उदाहरण के लिए, यदि किसी कम्प्यूटर के साथ प्रिन्टर जुड़ा हुआ है, तो नेटवर्क के अन्य कम्प्यूटरों से उस प्रिन्टर पर कोई भी कंटेन्ट प्रिंट किया जा सकता है|

2. डाटा का तीव्र सम्प्रेषण (Speedy Transmission of Data) कम्प्यूटरों की नेटवर्किंग से दो कम्प्यूटरों के बीच डाटा का आदान-प्रदान अत्यधिक तीव्र तथा सुरक्षित रूप से होता है| इससे कार्य की गति तीव्र हो जाती है और समय की बचत होती है|

3. विश्वसनीयता (Reliability) नेटवर्किंग में किसी फाइल की दो या दो से अधिक कॉपियाँ अलग-अलग कम्प्यूटरों पर स्टोर की जा सकती है| यदि किसी कारणवश एक कम्प्यूटर खराब हो जाता है, तो वह डाटा दूसरे कम्प्यूटरों से प्राप्त हो सकता है| इस प्रकार नेटवर्क के कम्प्यूटर एक - दूसरे के लिए बैकअप का कार्य करते हैं, जिससे उसकी विश्वसनीयता बढ़ती है|

नेटवर्क के अवयव (Components of a Network)

नेटवर्क के अवयव वे आवश्यक भाग होते हैं, जो नेटवर्क को इन्स्टॉल करने के लिए आवश्यक होते हैं, कोई कम्प्यूटर नेटवर्क विभिन्न तत्वों या अवयवों का समूह होता है|

इनमें से कुछ प्रमुख अवयवों का परिचय निम्न हैं-

1. सर्वर (Server) यह नेटवर्क का सबसे प्रमुख अथवा केन्द्रीय कम्प्यूटर होता है| नेटवर्क के अन्य सभी कम्प्यूटर एक सर्वर से जुड़े होते हैं| सर्वर क्षमता की गति की दृष्टि से अन्य सभी कम्प्यूटरों से श्रेष्ठ होता है और प्रायः नेटवर्क का अधिकांश अथवा समस्त डाटा सर्वर पर ही रखा जाता है|

2. क्लाइण्ट (Client) सर्वर के अतिरिक्त नेटवर्क के अन्य सभी कम्प्यूटरों को क्लाइण्ट / नोड कहा जाता है| ये वे कम्प्यूटर होते हैं, जिन पर उपयोगकर्ता कार्य करते हैं| प्रत्येक नोड का एक निश्चित नाम और पहचान होती है| कई नोड अधिक शक्तिशाली होते हैं| ऐसे नोडों को प्रायः वर्कस्टेशन (Workstation) कहा जाता है|

3. नेटवर्क केबल (Network Cable) जिन केबलों के द्वारा नेटवर्क के कम्प्यूटर आपस में जुड़े होते हैं, उन्हें नेटवर्क केबल कहा जाता है| सूचनाएँ एक कम्प्यूटर से नेटवर्क से दूसरे कम्प्यूटर तक केबलों से ही जाती हैं| इनको प्रायः बस (Bus) भी कहा जाता है|

4. नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम (Network Operating System) यह ऐसा सॉफ्टवेयर है जो नेटवर्क के कम्प्यूटरों के बीच सम्बन्ध निश्चित करता है और उनके मध्य सूचना के ट्रांसफर को नियंत्रित करता है| यह सॉफ्टवेयर सर्वर में लोड किया जाता है|

5. नेटवर्क इंटरफेस कार्ड (Network Interface Card) यह एडेप्टर कहलाता है| NIC नेटवर्क और कम्प्यूटर के मध्य डेटा के आदान-प्रदान को नियंत्रित करता है|

6. प्रोटोकॉल (Protocol) वह प्रणाली, जो सम्पूर्ण संचार-प्रक्रिया में विविध डिवाइसों के मध्य सामंजस्य स्थापित करती है, प्रोटोकॉल कहलाती है| प्रोटोकॉल की उपस्थिति में ही डाटा तथा सूचनाओं को प्रेक्षक (Sender) से लेकर प्राप्तकर्ता (Receiver) तक पहुंचाया जाता है| कम्प्यूटर नेटवर्क का आधार भी प्रोटोकॉल ही है|

7. रिसोर्स (Resource) एक विशेष नेटवर्क पर कम्प्यूटर के लिए उपलब्ध हार्डवेयर को संसाधनों (Resources) के रूप में जाना जाता है|

कम्प्यूटर नेटवर्क के प्रकार (Types of Computer Network)

नेटवर्कों को कम्प्यूटरों की स्थिति के अनुसार मुख्यतः तीन श्रेणियों में बाँटा जाता है-

1. लोकल एरिया नेटवर्क (Local Area Network, LAN) ऐसे नेटवर्कों के सभी कम्प्यूटर एक सीमित क्षेत्र में स्थित होते हैं| यह क्षेत्र लगभग एक किलोमीटर की सीमा में होना चाहिए; जैसे- कोई बड़ी बिल्डिंग या उनका एक समूह|
लोकल एरिया नेटवर्क में जोड़े गए उपकरणों की संख्या अलग-अलग हो सकती है| इन उपकरणों को किसी संचार केबल द्वारा जोड़ा जाता है| लोकल एरिया नेटवर्क के द्वारा कोई संगठन अपने कम्प्यूटरों, टर्मिनलों, कार्यस्थलों तथा अन्य बाहरी उपकरणों को एक दक्ष (Efficient) तथा प्रभावी लागत (Effective Cost) विधि से जोड़ सकता है, जिससे वे आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकें तथा सबको सभी साधनों का लाभ मिल सके|
इसमें डाटा ट्रांसफर की गति 10-100 Mbits/sec होती है|

2. मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क (Metropolitan Area Network, MAN) जब बहुत सारे लोकल एरिया नेटवर्क अर्थात LAN किसी नगर यह शहर के अन्दर एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं, तो इस प्रकार के नेटवर्क को 'मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क' कहा जाता है| इसकी गति 10-1000 Mbits/sec होती है| ये काफी महँगे नेटवर्क होते हैं, जो फाइबर-ऑप्टिक केबल से जुड़े होते हैं| ये टेलीफोन या केबल ऑपरेटर और माइक्रोवेव लिंक द्वारा प्रदान किए जाते हैं|

3. वाइड एरिया नेटवर्क (Wide Area Network, WAN) यह एक विस्तृत क्षेत्र नेटवर्क है| इससे जुड़े हुए कम्प्यूटर तथा उपकरण एक-दूसरे से हजारों किलोमीटर की दूरी पर भी स्थित हो सकते हैं| इनका कार्यक्षेत्र कई महाद्वीपों तक फैला हो सकता है| यह एक बड़े आकार का डाटा नेटवर्क होता है| इसमें डाटा का संचरण की दर लोकल एरिया नेटवर्क की तुलना में कम होती है| अधिक दूरी के कारण प्रायः इनमें माइक्रोवेव स्टेशनों या संचार उपग्रहों (Communication Satellites) का प्रयोग सन्देश आगे भेजने वाले स्टेशनों की तरह किया जाता है|
विश्वव्यापी डाटा कम्युनिकेशन नेटवर्क या वैन का महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है| वे आजकल के वित्तीय जगत (शेयर मार्केट, बैंक, वित्तीय संस्थाओं आदि) के लिए अनिवार्य हो गया है| Next

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