डिजिटल फाइनेंसियल टूल्स एण्ड एप्लीकेशन्स

परिचय

भारत में वित्तीय प्रणाली (Financial System) का एक नया युग स्वतंत्रता के बाद से शुरू किया गया था| इस युग में, फाइनेंसियल टूल के लिए वित्तीय प्रणाली की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों में सुधार के प्रयास किए गए थे| फाइनेंसियल टूल एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग उन संगठनों का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो पैसे के प्रबन्धन से सम्बन्धित हैं|
डिजिटल फाइनेंसियल टूल्स ATM, UPI, कार्ड, POS आदि को शामिल करता है| डिजिटल वित्तीय टूल्स का प्रयोग केवल डिपॉजिट लेना, लोन और निवेश सेवाएँ (Investment Services) तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बीमा, एजेन्सी सेवाओं और वित्तीय उत्पादों के वितरण सहित सभी क्षेत्रों में भी उपलब्ध है|

ओटीपी- वन टाइम पासवर्ड (OTP- One Time Password)

OTP, एक पासवर्ड है, जो कम्प्यूटर सिस्टम या अन्य डिजिटल डिवाइस पर एक लॉगिन सत्र (Session) के लिए मान्य है| इसे वन टाइम पिन या डायनेमिक पासवर्ड के रूप में भी जाना जाता है, OTP स्वचालित रूप से उत्पन्न संख्यात्मक या एल्फान्यूमेरिक स्ट्रिंग करैक्टर है, जो उपयोगकर्ता को एकल ट्रांजैक्शन (Single Transaction) या लॉग-इन सत्र के लिए प्रमाणित करता है| इसे SMS या ई-मेल के द्वारा यूजर को भेजा जाता है|
OTP स्टैटिक पासवर्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित है|
OTP के कारण लॉग-इन प्रयासों और डाटा के चोरी होने की सम्भावना कम हो जाती है|
OTP यादृच्छिक एल्गोरिथ्म (Randomness Algorithm) के माध्यम से कार्य करता है, जो प्रत्येक बार उपयोग किए जाने पर एक नया और यादृच्छिक पासवर्ड उत्पन्न करता है|
OTP वास्तविक यूजर की पहचान करने के उद्देश्य में भेजा जाता है|

OTP की विशेषताएँ (Features of OTP)

  • OTP की सहायता से सभी अकाउण्ट; जैसे- गूगल अकाउण्ट, नेट बैंकिंग अकाउण्ट इत्यादि सुरक्षित रहते हैं|
  • OTP की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है, इसका प्रयोग एक ही बार किया जा सकता है और कुछ समय जैसे- 10 सेकेण्ड या 1 मिनट के लिए ही Valid रहता है|
  • प्रत्येक बार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने पर, यह कोड अलग-अलग जनरेट होता है|
  • OTP को केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर और ई-मेल Id पर ही भेजा जाता है, जिससे कोई भी अन्य व्यक्ति इसका प्रयोग नहीं कर सकता है|

क्यूआर (क्विक रेस्पांस) कोड (QR- Quick Response Code)

यह एक प्रकार का 2- डायमेन्शल (Two Dimensional) और मैट्रिक्स (Matrix) बारकोड है, जिसमें एक White बैकग्राउंड पर काले छोटे-छोटे वर्ग (Square) बने होते हैं| QR कोड स्मार्टफोन द्वारा सूचना को पढ़े जाने के लिए डिजाइन किए गए हैं| ये लम्बवत् (Vertically) और क्षैतिज (Horizontally) रूप में जानकारी ले सकते हैं और लिंक, टैक्स्ट या अन्य डाटा सहित बड़ी मात्रा में जानकारी प्रदान कर सकते हैं|
इसे पहली बार वर्ष 1994 में जापान में मोटर वाहन उद्योग के लिए डिजाइन किया गया था| एक QR Code चार मानकीकृत (standardised) X- कोडिंग मोड Numeric, Alphanumeric, byte/binary and kanji का प्रयोग करता है| जिससे डेटा को आसानी से संग्रहीत किया जा सके|

यह कोड में छिपी जानकारी के लिए त्वरित एक्स्प्रेस (Instant access) को संदर्भित करता है|

QR कोड दो प्रकार के होते हैं-

  • स्टैटिक क्यूआर कोड (Static QR Code) ये सबसे सामान्य प्रकार के QR कोड हैं, जिनका उपयोग साधारण जनता तक सूचना प्रसारित करने के लिए किया जाता है| ये अधिकतर पर्यावरण विज्ञापन सामग्री में, टेलीविजन पर और समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में प्रदर्शित होते हैं|
  • डायनैमिक क्यूआर कोड (Dynamic QR Code) इन्हें कभी-कभी अद्वितीय (Unique) QR कोड के रूप में संदर्भित किया जाता है, जो अधिक कार्यक्षमता प्रदान करता है| यह QR Code, Editable होता है| यह स्कैन के अतिरिक्त अन्य सुविधाएं जैसे- पासवर्ड प्रोटेक्शन भी प्रदान करता है|

क्यूआर कोड की विशेषताएँ (Features of QR Code)

  • विभिन्न प्रकार के डाटा की उच्च क्षमता एनकोडिंग (High Capacity Encoding) करता है|
  • QR कोड बहुत कम स्पेस में अधिक जानकारी रख सकते हैं|
  • QR कोड को किसी भी दिशा में पढ़ा जा सकता है| (उदाहरण 360°)
  • QR कोड के अन्तर्गत जानकारी को कोड में विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है|
  • QR कोड केवल अक्षर (Letter) और संख्या ही नहीं, बल्कि किसी भी प्रकार के डाटा और करैक्टर को शामिल करने में सक्षम है|

यूपीआई- यूनिफाइड पेमेण्ट इण्टरफेस (UPI- Unified Payment Interface)

UPI का पूरा नाम यूनिफाइड पेमेण्ट इण्टरफेस है| यह ऑनलाइन पैसे ट्रान्सफर करने का एक माध्यम है| इसके माध्यम से स्मार्टफोन के द्वारा एक बैंक अकाउण्ट से दूसरे बैंक अकाउण्ट में आसानी से पैसे ट्रान्सफर किए जा सकते हैं या बिल रिचार्ज के लिए पेमेण्ट कर सकते हैं| UPI को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (National Payment Corporation of India, NPCI) द्वारा विकसित किया गया है| NPCI भारत में बैंकों के मध्य होने वाले ट्रांजैक्शनों को नियंत्रित करता है| UPI सिस्टम मोबाइल ऐप्प पर आधारित है| इसे प्रयोग करने के लिए इण्टरनेट से जुड़ा होना आवश्यक है| UPI की विशेष बात यह है कि इसके द्वारा कहीं भी और किसी भी समय पेमेण्ट ट्रान्सफर किया जा सकता है| इसके लिए बैंक का खुला होना आवश्यक नहीं है| यह ट्रांजैक्शन करने पर बैंक विवरण और अन्य जानकारी; जैसे- बैंक अकाउण्ट नम्बर, IFSC कोड, बैंक डिटेल्स को एण्टर करने की आवश्यकता को समाप्त कर देता है| UPI सर्विस द्वारा पेमेण्ट करने के लिए उपयोगकर्ता को वर्चुअल पेमेण्ट एड्रेस (VPA) की आवश्यकता होती है| इसके बिना पैसे ट्रान्सफर नहीं किए जा सकते हैं| इसे UPI पिन या UPI ID भी कहते हैं| उदाहरण के लिए, आपका SBI बैंक अकाउण्ट है और आपका मोबाइल नम्बर 982xxxxxxx है, तब आपकी वर्चुअल id 982xxxxxxx@SBI होगी|

UPI के लिए पंजीकरण (Registration for the UPI)

  • भीम (भारत इण्टरफेस फॉर मनी) ऐप्प/बैंक ऐप्प/थर्ड पार्टी ऐप्प को डाउनलोड करें|
  • सूचना जैसे कि नाम, पासवर्ड, UPI पिन इत्यादि जोड़कर अपना प्रोफाइल क्रिएट करें|
  • रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को पूरा करने के लिए VPA के बैंक अकाउण्ट को लिंक करें| Next
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